ऊंची इमारतों में रहना सुविधाजनक माना जाता है — नज़ारा, सुरक्षा और सुविधाएँ मिलती हैं। पर क्या आप जानते हैं कि ऊंची इमारतों में रहने के खास जोखिम और तैयारियाँ भी होती हैं? यहाँ सीधे और काम के सुझाव दिए जा रहे हैं ताकि आप समझकर सही फैसला ले सकें।
पहला काम बिल्डिंग का लाइसेंस और नक्शे जांचना है। यह सुनिश्चित करें कि बिल्डिंग नगर निगम या स्थानीय प्राधिकरण से मंजूर है। बिक्री या किराये के दस्तावेज, फ्लैट के कर और बिजली-पानी के बिल नियमित हैं या नहीं — ये बातें तुरंत देखें।
लिफ्ट और सीढ़ियों की स्थिति जाँचें: कितनी लिफ्टें हैं और उनकी क्षमता क्या है? अगर लिफ्ट खराब होने पर फ्लैट तक पहुंच मुश्किल हो, तो ऊँचे फ्लोर के लिए यह बड़ा मसला बन सकता है।
बिल्डिंग की संरचना और पानी की व्यवस्था पर ध्यान दें। छत से लीकेज या दीवारों में सैलाव न हो — पुराने इमारतों में यह जल्दी सामने आता है। पार्किंग, सेंट्रल वाटर टैंक और पानी के पंप की स्थिति समझें।
अग्नि सुरक्षा सबसे ज़रूरी है। फ्लैट में कार्यरत स्मोक डिटेक्टर और फायर एग्जिट रास्ते हमेशा जांचें। बिल्डिंग के कॉमन एरिया में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंगuisher) और अग्नि सीढ़ी की उपलब्धता रखें। अगर बिल्डिंग में अग्नि ड्रिल नहीं होती, तो प्रबंधन से पूछें कि ड्रिल कब करवाते हैं।
आपातकाल में सीढ़ी का उपयोग करने की आदत डालिए। लिफ्ट बंद होने पर ऊँचाई से शीघ्र निकलने के लिए छत से जुड़े रास्तों और अग्नि निकास का नक्शा याद रखें। बच्चों और बुज़ुर्गों को भी यह प्रक्रिया समझा दें।
विंड और तूफ़ान के समय ऊँची इमारतों में झटका ज़्यादा महसूस होता है। ऐसे मौसम में बाहरी बालकनी या ढीले सामान को अंदर रखें। कांच के टूटने से बचने के लिए मजबूत ग्रिल या सुरक्षा फिल्म पर विचार करें।
रखरखाव नियमित रखें: लिफ्ट सर्विसिंग, पाइपलाइन चेक, छत की मरम्मत और बिजली के पैनल की जाँच— ये काम समय पर होते रहें तो बड़ी परेशानियाँ कम होंगी। बिल्डिंग की एसोसिएशन या मैनेजमेंट से मासिक रखरखाव रेकॉर्ड मांगें।
छोटी-छोटी आदतें भी बड़ा फर्क डालती हैं — आपात किट (टॉर्च, पावर बैंक, बेसिक दवाइयां), फ्लैट में कार्यरत गैस सेंसर और बच्चों के लिए निकलने का आसान रास्ता। पड़ोसियों से अच्छा तालमेल रखें; ऊँची इमारत में आपसी मदद अक्सर संकट में काम आती है।
ऊंची इमारत का निर्णय सोचकर लें। सारा डेटा, सुरक्षा रिकॉर्ड और रोज़मर्रा की ज़रूरतों का ध्यान रखें। इससे न सिर्फ जीवन सहज रहेगा बल्कि आपात समय में भी आप तैयार रहेंगे।