कभी सोचा है कि एक टूटे तार या बिना अनुमति का कार्यक्रम कितनी बड़ी मुसीबत बना सकता है? मुंबई के मस्जिद बंदर में बिजली के मीटर बॉक्स से लगी आग ने दो लोगों की जान ले ली। यह वही लापरवाही है जो मामूली दिखती है पर भारी पड़ती है। अगर आप जानते हैं कि लापरवाही कैसे दिखती है और क्या करना है, तो आप ऐसी घटनाओं को रोक सकते हैं या नुकसान कम कर सकते हैं।
आपके सामने अगर कोई खतरनाक स्थिति है तो शांत रहें और तेज़ निर्णय लें। पहले खुद की और आसपास वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। आग या धुएँ में सबसे पहले लोगों को सुरक्षित जगह पर निकालें और अगर संभव हो तो बिजली बंद कर दें।
नियंत्रण के लिए तुरंत संबंधित नंबर पर कॉल करें — फायर ब्रिगेड (101 या स्थानीय नंबर), पुलिस और मेडिकल सहायता। घटना की फोटो/वीडियो लें, पर अपनी जान खतरे में न डालें। गवाहों के नाम और फोन लें; यह बाद में बहुत काम आता है।
अगर किसी सार्वजनिक आयोजन में अनुमति नहीं ली गई है (जैसे बिना अनुमति का स्टेज या भीड़), तो आयोजक से बात कर की जाने वाली कमी के बारे में नोट करें और स्थानीय पुलिस या नगर निगम को सूचित करें।
साधारण जाँच और नियमों का पालन ही सबसे असरदार तरीका है। घर और ऑफिस में नियमित रूप से इलेक्ट्रिकल सर्किट और मीटर चेक कराएं। स्मोक डिटेक्टर और आग बुझाने वाले यंत्र रखें और परिवार या कर्मचारियों को उनका इस्तेमाल बताएं।
घटनाओं के आयोजक अनुमति, crowd-control और इमरजेंसी प्लान पहले से बनाएं। छोटे-छोटे जोखिम की लिस्ट बनाकर नियमित चेकलिस्ट रखें — यह आसान और प्रभावी तरीका है।
यदि आप किराये के घर या ऑफिस बिल्डिंग में रहते हैं, तो मकानमालिक या बिल्डिंग कमेटी से लिखित में सुरक्षा प्रमाण मांगें — जैसे बिजली सर्विस का रेपोर्ट, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट। यह पूछना गलत नहीं है।
रिपोर्ट करने का तरीका आसान रखें: स्थानीय पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत या ई-FIR दर्ज कराएं। नगर निगम/बिल्डिंग विभाग को मेल या शिकायत पोर्टल से बताएं। काम पर हुई लापरवाही में श्रम विभाग या कंज्यूमर कोर्ट की मदद लें।
याद रखें, शिकायत दर्ज कराना केवल शिकायती कदम नहीं है — यह अगली बार किसी की जान बचाने की एक अहम कोशिश भी है। अगर आप समय पर बोलते हैं, तो वही छोटी कार्रवाई बड़ी आपदा को टाल सकती है।
छोटी सावधानियाँ अपनाइए: तारों को छुपाकर न रखें, उपकरणों की वार्षिक सर्विस कराएं, भीड़ वाले कार्यक्रम में इमरजेंसी निकास स्पष्ट रखें और बच्चों को सुरक्षा नियम सिखाएँ। लापरवाही रोकना सबकी जिम्मेदारी है—अगर आप शुरुआत करेंगे तो बाकी लोग भी साथ आएँगे।