IT जॉब्स ढूँढना अब सिर्फ रिज्यूमे भेजना नहीं रह गया। कंपनी छोटे-छोटे दिखते हैं, मगर सही दिखने का तरीका जानना जरूरी है। क्या आप फ्रेशर हैं या एक्सपीरियंस रखते हैं, यहां सीधे और practical टिप्स मिलेंगे जो तुरंत काम आएँगे।
रिज्यूमे में साफ़-सीधे बिंदु लिखें: काम का नाम, टेक स्टैक, और नतीजा—जैसे "React + Node.js से लोड टाइम 40% घटाया।" ATS (Applicant Tracking System) के लिए कीवर्ड डालें, पर रिज्यूमे लंबा न बनाएं। एक पेज फ्रेशर के लिए पर्याप्त है, एक्सपीरियंस वालों के लिए 1-2 पेज ठीक है।
GitHub या लाइव प्रोजेक्ट लिंक दें। छोटा लेकिन साफ़ प्रोजेक्ट दिखाइए—README में क्या किया बताया होना चाहिए। कोड साफ़, कमेंटेड और README में रन करने का तरीका होना चाहिए। LinkedIn प्रोफाइल अपडेट रखें और छोटे पोस्ट्स से गतिविधि दिखाएं।
किसी एक फोकस में महारत हासिल करें—फ्रंट‑एंड, बैक‑एंड, डेटा, क्लाउड या DevOps। बेसिक CS कॉन्सेप्ट्स (DSA, ओएस, बीजक नेटवर्किंग) संभालें। जरूरी सर्टिफिकेशन जैसे AWS, Azure, GCP, या Data Analytics तभी लें जब आप उसे प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट में दिखा सकें।
हर दिन 1–2 घंटे कोडिंग अभ्यास और हफ्ते में एक प्रोजेक्ट पर काम रखें। LeetCode/CodeChef पर रोज़ाना हल करने से समस्या सुलझाने की आदत बनती है। छोटी-छोटी जीतें (एक फीचर जोड़ना, बग फिक्स) रिज्यूमे और इंटरव्यू दोनों में काम आती हैं।
नेटवर्किंग मत भूलिए—किसी इवेंट या मीटअप में जाएँ, LinkedIn पर कनेक्ट करें और पुराने सहकर्मियों से रेफरल मांगें। रेफरल से इंटरव्यू कॉल मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
इंटरव्यू के लिए STAR पद्धति (Situation, Task, Action, Result) का अभ्यास करें। टेक्निकल इंटरव्यू में साफ़-सुथरी सोच दिखाएँ—पहले सवाल समझें, फिर कदम बताएं। सिस्टम डिजाइन में बड़े ब्लॉक्स बताएं, छोटे-छोटे माइक्रोप्रोसेस में फँसने की जरुरत नहीं।
सैलरी नेगोशिएशन में पहले रिसर्च करें—Glassdoor, Payscale या Levels.fyi देखें। शुरुआती ऑफर पर तुरंत हाँ न बोलें; सवाल पूछें कि कुल बेनिफिट्स क्या हैं। ऑफर बढ़ाने के लिए अपने हालिया प्रोजेक्ट और नतीजे दिखाएँ।
आखिर में, धैर्य रखें और छोटे लक्ष्य बनाएँ—हर हफ्ते 5 अप्लाई, 2 कोडिंग सत्र और 1 नेटवर्किंग कॉन्टैक्ट। ये सरल आदतें मिलकर आपको बेहतर IT जॉब्स तक पहुंचाती हैं। आप पहले ही सही दिशा में हैं—अब रूटीन बनाइए और लगातार सुधार करते जाइए।