बकरीद 2024: तारीख, तैयारी और सरल गाइड

बकरीद यानी ईद उल-अधा हर साल धुल हिज्जा के 10वें दिन मनाया जाता है। तारीख चंद्र दर्शन पर निर्भर करती है, इसलिए लोकल मुहर्रम/मस्जिद की घोषणा देखें। अगर आप पहली बार कुर्बानी कर रहे हैं या सही तरीके से तैयारी करना चाहते हैं तो यह पेज सीधे, उपयोगी और काम का मार्ग दिखाएगा।

सबसे पहले: कुर्बानी कब करें? नमाज़-अ-ईद के बाद ही कुर्बानी वाजिब होती है। आम तौर पर उसे 10वीं से 12वीं धुल हिज्जा (तीन दिन) के भीतर किया जाता है, पर लोकल इमाम की सलाह और कानून देखें।

कुर्बानी की सरल जांच-पलट और नियम

कुर्बानी के लिए जानवर स्वस्थ, निशांवंद और वयस्क होना चाहिए। खरीदते वक्त ध्यान रखें: जानवर ठीक चल रहा हो, आंखें साफ हों, साँस न पैदा कर रही हो। अगर आप बाजार से खरीद रहे हैं तो पेपरवर्क और पशु के वैक्सीनेशन या हेल्थ सर्टिफिकेट की मांग कर लें। किसी भी स्थानीय नियम (नगरपालिका या पशु कल्याण कानून) का पालन जरूरी है।

कुर्बानी के बाद मांस बांटने का पुराना तरीका तीन हिस्सों में बांटना है—एक हिस्सा घर के लिए, एक हिस्सा रिश्तेदारों/दोस्तों के लिए और एक हिस्सा गरीबों/जरूरतमंदों के लिए। अगर आप शहर में हैं तो स्थानीय संस्था या मस्जिद के जरिए दान देना आसान और सुरक्षित रहता है।

तैयारी-चेकलिस्ट और सुरक्षा टिप्स

1) शॉपिंग: एक सप्ताह पहले ही जानवर देख लें। ज्यादा भीड़ वाले समय पर खरीदने से बचें। 2) जगह: यदि घर पर काट रहे हैं तो सुनिश्चित करें कि साफ-सफाई और हाइजीन का पूरा इंतजाम हो। 3) उपकरण: तेज चाकू, प्लास्टिक कवर, बड़े बरतन और गंदे पानी के निपटान का प्लान रखें। 4) सुरक्षा: दस्ताने और मास्क रखें, बच्चे को दूरी पर रखें, रक्त और गंदगी तुरंत साफ करें। 5) वैधानिकता: कई शहरों में केवल लाइसेंसधारी स्लॉटरहाउस में ही कट की इजाज़त होती है—पहले जान लें।

मांस को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए ठंडी जगह पर रखें। अगर फ्रीजर की जगह कम है तो पड़ोसियों या स्थानीय वितरण केंद्र से बात कर के तुरंत बांट दें।

खास रोज़मर्रा के व्यंजन: कुर्बानी के बाद बनते हैं बिरयानी, कबाब, करी और निहारी—तेज मसाले और धीमी आँच में पकाकर मांस का स्वाद बेहतर आता है। बचा हुआ मांस फ्रिज में 2-3 दिन सुरक्षित रहता है या आप छोटे पैकेट बनाकर फ्रीज कर सकते हैं।

अंत में एक छोटा संदेश: बकरीद धर्म का हिस्सा है पर साथ ही समाजिक जिम्मेदारी भी है—जानवरों के साथ दयालुता रखें, कचरा कम करें और मांस जरूरतमंदों तक पहुंचाएं। अगर कोई प्रश्न है या लोकल नियम जानना चाहते हैं तो अपनी मस्जिद या नगरपालिका से संपर्क करें।

ईद मुबारक! शांतिपूर्ण, सुरक्षित और अर्थपूर्ण तरीके से मनाएँ।