OYO नई नीति — क्या बदला और आपको क्या करना चाहिए

OYO की नई नीति ने कई बुकिंग और पार्टनर नियम बदल दिए हैं। अगर आप मेहमान हैं या होटल पार्टनर, तो इन बदलावों को जानना जरूरी है। यहाँ सीधे और साफ तरीके से बताता हूँ कि कौन-से बदलाव आम हैं, उनका असर क्या होगा और आप तुरंत क्या कर सकते हैं।

नए नियम अक्सर किस चीज़ पर होते हैं?

कंपनियाँ आमतौर पर चार मुख्य हिस्सों में पॉलिसी बदलती हैं: बुकिंग कंडीशंस (पहले बुकिंग कैसा मान्य है), कैंसलेशन और रिफंड नियम, पार्टनर कमिशन और सर्विस स्टैंडर्ड्स। OYO जैसी कंपनियाँ इन हिस्सों को अपडेट करके कीमतों, रिफंड प्रोसेस और पार्टनर के लिये नियम बदल सकती हैं।

उदाहरण के तौर पर: रिफंड प्रोसेस अब तेज़ या धीरे हो सकता है, नाइटली रेट्स में बदलाव हो सकता है, या क्लीनलाइन और सेफ्टी स्टैंडर्ड में नई शर्तें आ सकती हैं। ध्यान रखें — हर एक बदलाव का असर ग्राहक और होटल दोनों पर अलग होगा।

मेरे लिए क्या मायने रखता है? (Guest और Partner के लिए अलग)

अगर आप गेस्ट हैं: बुकिंग करने से पहले नई कैंसलेशन पॉलिसी जरूर पढ़ें। कुछ बुकिंग्स अब 'नो-रिफंड' हो सकती हैं, या रिफंड का टाइम लंबा हो सकता है। चेक-इन/चेक-आउट समय और अतिरिक्त चार्ज भी बदल सकते हैं। इसलिए ईमेल कॉन्फर्मेशन और ऐप नोटिफिकेशन सेव रखें।

अगर आप होटल पार्टनर हैं: नई पॉलिसी में कमिशन, लिस्टिंग नियम और मेन्टेनेंस स्टैंडर्ड्स में बदलाव हो सकते हैं। भुगतान साइकल बदलना या ज्यादा रिपोर्टिंग माँगना भी आम है। अपने पार्टनर पोर्टल में लॉग इन कर नई शर्तें और पेमेंट टर्म्स तुरंत चेक करें।

अक्सर सवाल: क्या मैं पुरानी बुकिंग पर नए नियम लागू कर सकता/सकती हूँ? सामान्यतः जो बुकिंग पहले की शर्तों पर हुई है, वही नियम लागू रहते हैं। पर कुछ मामलों में कंपनी अपडेट लागू कर सकती है — उसकी जानकारी उनका नोटिस बताता है।

तुरंत करने योग्य काम:

  • OYO ऐप/वेबसाइट पर "Terms & Policy" सेक्शन खोलें और नयी नोटिफिकेशन पढ़ें।
  • जो भी आपके पास बुकिंग है, उसका ईमेल और रसीद सेव रखें।
  • रिफंड या भुगतान में देरी हो तो OYO सपोर्ट से चैट/कॉल करके रेफरेंस नंबर माँगे।
  • होटल पार्टनर हों तो पार्टनर पोर्टल पर लॉग-इन कर नए स्लैब और रिपोर्टिंग निर्देश देखें।

अगर बदलाव आपको नुकसान पहुँचा रहे हैं, तो लिखित में शिकायत करें और जो भी ट्रांजैक्शन है उसका रिकॉर्ड रखें। समय-समय पर कंज्यूमर फोरम या लोकल रैगुलेटरी बॉडी भी मदद कर सकते हैं जब कंपनी सपोर्ट कुछ न बोले।

आख़िर में — नई पॉलिसी से घबड़ाएँ नहीं। जानकारी हासिल करें, अपनी बुकिंग या पार्टनर शर्तें तुरंत चेक करें और ज़रूरत पड़ने पर सपोर्ट से संपर्क करें। छोटे-छोटे रिकॉर्ड और ईमेल हिस्ट्री अक्सर समस्या जल्दी सुलझा देती है।