बकरीद हर साल मुस्लिम समुदाय का बड़ा त्योहार होता है। क्या आप पहली बार मना रहे हैं या हर साल तैयारी करते हैं, यह पेज आपको तुरंत काम आने वाली जानकारी देगा। यहां जानेंगे कि बकरीद कब पड़ती है, कुर्बानी के आसान नियम क्या हैं और घर पर या समाज में कैसे जिम्मेदारी से हिस्सेदारी करें।
बकरीद, जिसे ईद-उल-अधा भी कहते हैं, हिजरी कैलेंडर के धू अल-हिज्जा माह की 10 तारीख को मनाई जाती है। इस तारीख का निर्धारण चाँद देखकर होता है, इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में साल-से-साल तारीख बदल जाती है। स्थानीय मस्जिद या इस्लामी समितियों से आधिकारिक घोषणा पर भरोसा रखें।
कुर्बानी का मूल मकसद अल्लाह की आज्ञा का पालन और ज़रूरतमंदों को मदद पहुंचाना है। जानवर की उम्र, स्वास्थ्य और कंडीशन पर ध्यान दें — जानवर स्वस्थ और बेजान नहीं होना चाहिए। मांस का कम से कम एक-तिहाई हिस्सा गरीबों में बाटें; परिवार और दोस्तों के बीच भी बाँट सकते हैं।
कुर्बानी करते वक्त ये बातें ध्यान रखें: जानवर को मारने वाला कुशल हो, धर्म के मुताबिक तेज़ और इंसानियत से काम हो, और यदि संभव हो तो प्रोफेशनल स्लॉटर हाउस या मस्जिद की व्यवस्था का उपयोग करें ताकि स्वास्थ्य नियम और स्वच्छता बनी रहे।
कुछ प्रैक्टिकल टिप्स जो काम आएँगे:
क्या आप मांस नहीं बाँटना चाहते? आप दान या ज़कात के जरिए भी मदद कर सकते हैं। कई एनजीओ और मस्जिदें पैकेज्ड कुर्बानी सेवाएं देती हैं — वे आपकी ओर से जानवर खरीदकर स्लॉटर कर देते हैं और मांस जरूरतमंदों में पहुंचाते हैं।
आचार-व्यवहार भी मायने रखता है: कुर्बानी के दिन नमाज़ पढें, पड़ोसियों और दोस्तों को मुबारकबाद दें, और सामाजिक दूरी या स्वच्छता के नियमों का पालन करें। छोटे बच्चों को त्योहार की सच्ची भावना बताएं — त्याग और मदद की।
अगर आप यात्रा कर रहे हैं तो योजनाबद्ध रहें: मांस को कैसे ले जाना है, किसको देंगे और पैकिंग कैसे करायेंगे, ये पहले तय कर लें। अगर सरकारी नियम या स्थानीय निर्देश बदलते हैं तो उसी के अनुसार कदम उठायें।
हमारी साइट पर बकरीद से जुड़ी ताज़ा खबरें, स्थानीय व्यवस्था और इवेंट लिस्ट भी मिलेंगी। किसी खास टिप या लोकल सर्विस के बारे में जानना चाहें तो नीचे दिए गए रोट्स पर क्लिक कर के या हमारे स्थानीय सेक्शन देखें। मुबारक हो — शांतिपूर्ण और सुरक्षित बकरीद की शुभकामनाएँ।