एक छोटी चिंगारी भी कुछ ही मिनटों में बड़ी आग बना सकती है। घर या ऑफिस में आग लगे तो घबराने की बजाए पता होना चाहिए कि कौन-कौन से सरल कदम आप तुरंत उठा सकते हैं। यहां सीधे, काम के तरीके दिए जा रहे हैं जिन्हें आप आज ही अपना सकते हैं।
जब आग दिखाई दे या धुआं महसूस हो तो पहले अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा पर ध्यान दें। तेज़ आवाज़ से सबको चेतावनी दें और तुरंत खाली करने की राह पकڑें। अगर आग छोटी और संभाली जा सके तो आग बुझाने वाले यंत्र से नीचे की तरफ आग बुझाएं — हमेशा आग की जड़ की ओर।
महत्वपूर्ण नंबर तुरंत कॉल करें: स्थानीय फायर ब्रिगेड (101) या राष्ट्रीय इमरजेंसी नंबर 112। आग बुझाने की कोशिश करते समय बिजली की लाइन और गैस की बात को ध्यान में रखें — तेल की आग पर पानी नहीं डालें और विद्युत से होने वाली आग में पानी प्रयोग न करें।
अगर कपड़ों में आग लग जाए तो "रुकें, गिरें, लुढ़कें" (Stop, Drop, Roll) तरीका अपनाएँ और आग बुझने के बाद ठंडे पानी से प्रभावित हिस्से को ठंडा करें।
आग से बचाव में छोटी आदतें बहुत काम आती हैं। रसोई में खाना बनाते समय बर्तन के पास कभी भांप छोड़कर न जाएं। तेल गर्म होने पर ध्यान रखें और गैस के पास ज्वलनशील चीजें न रखें।
घर के इलेक्ट्रिकल सॉकेट्स और तारों की समय-समय पर जाँच करें। ढीला कनेक्शन या पुराना तार ही अक्सर शॉर्ट सर्किट और आग की वजह बनता है। इलेक्ट्रिक हीटर और चार्जर को सतह पर रखें और रात भर अनदेखा न छोड़ें।
धुआँ अलार्म (smoke detector) हर घर में लगाना जरूरी है—माह में कम से कम एक बार उसकी बैटरी चेक करें। बिल्डिंग में आग निकलने पर उपयोगी एग्ज़िट प्लान बनाएं और परिवार के साथ एक मीटिंग प्वाइंट तय करें।
आग बुझाने वाले यंत्र (fire extinguisher) के प्रकार जान लें: पानी/फोम सामान्य जलती हुई चीजों के लिए, CO2 इलेक्ट्रिक फायर के लिए, और पाउडर कई तरह की आग में काम आता है। उपयोग से पहले निर्देश पढ़ें और बड़ी आग पर कोशिश न करें—फायर ब्रिगेड बुलाएं।
छोटे बच्चों को आग के खतरे के बारे में सिखाएँ—माचिस, लाइटर उनकी पहुँच से दूर रखें। अगर घर में बुजुर्ग हैं तो उनकी सहायता के लिए प्लान तैयार रखें।
पहली मदद का सरल नियम: जलने पर तुरंत ठंडा पानी 10–20 मिनट दें, कभी तेल, दही या टूटी हुई चीजें न लगाएँ; खुले घाव पर साफ कपड़ा रखें और गंभीर अवस्था में डॉक्टर बतौर प्राथमिक चिकित्सा मदद लें।
आग से सुरक्षित रहने का मतलब सिर्फ बचना नहीं, बल्कि तैयार रहना भी है। आज ही घरेलू साजो-सामान की जाँच करें, एक आसान एग्ज़िट प्लान बनाएं और परिवार के साथ रिहर्सल करें। अगर आप चाहते हैं, तो अपने इलाके की फायर ब्रिगेड नंबर और निकटतम अस्पताल का नंबर नोट कर लें—ये छोटे कदम बड़ी आपदा में काम आएंगे।