शादी यादों की पार्टी है, लेकिन बिना प्लानिंग के यह खर्चीली और तनाव भरी भी बन सकती है। छोटा-सा बदलाव—ठीक टाइमलाइन और प्राथमिकताएं—आपकी शादी को आरामदेह और किफायती बना देता है। नीचे सीधे और काम आने वाले सुझाव हैं जिन्हें आप तुरंत अपनाकर बचत और शांति दोनों पा सकते हैं।
12+ महीने: सबसे पहले गेस्ट लिस्ट पर काम करें। गेस्ट साइज तय होने पर ही वेन्यू, केटरिंग और बजट का अंदाज़ा साफ़ होता है। तारीख और वेन्यू पहले बुक करें—हॉल, मंदिर या आउटडोर स्पेस की उपलब्धता तेजी से भरती है।
6–9 महीने: फोटोग्राफर, मेकअप आर्टिस्ट और मेहमानों के रहने-ठहरने का इंतजाम तय करें। आउटफिट चुनना और सिलाई का समय भी यही पर सोचें ताकि अंतिम समय की हड़बड़ी न रहे।
2–3 महीने: कार्ड/इंवाइटेशन भेजें, मेन्यू फाइनल करें और रस्मों का शेड्यूल बनाएं। मेहमानों से विशेष भोजन या रहने की जरूरतें पूछ लें।
1 हफ्ता: वेंडर्स से कन्फर्मेशन लें, सीटिंग प्लान फाइनल करें और एक इमरजेंसी किट तैयार रखें (सिले, दवा, पिन, बेसिक टूल)।
पहले तय करें: क्या जरूरी है और क्या वैसा ही छोड़ा जा सकता है। केटरिंग और वेन्यू पर पैसा सबसे ज्यादा जाता है—यहाँ 10–20% बचाने के लिए मेन्यू में लोकल और सीज़नल व्यंजन शामिल करें।
ड्रैस और डेकोर में रेंटल विकल्प देखें। रिंग-सीरिज या कुछ डेकोर आइटम्स को DIY करना भी अच्छा रहता है—पर केवल तभी जब आपके पास टाइम हो। ऑफ-सीजन या वीकडे बुकिंग पर कीमतें कम मिलती हैं।
फोटोग्राफर चुनते समय पैकेज और डिलीवरी टाइम दोनों स्पष्ट करें। सोशल मीडिया पर छोटे वेंडर्स के रिव्यू पढ़ें और सीधे उनसे कीमतें टकराएँ—कई बार मध्यस्थ की कमी से सस्ता मिल जाता है।
छोटी और इंटिमेट शादीें ज्यादा व्यक्तिगत और कम खर्चीली होती हैं। सोचें क्या बड़े समारोह की जगह एक यादगार, छोटा इवेंट बेहतर रहेगा?
कानूनी बातों का ध्यान रखें: शादी का रजिस्ट्रेशन, पहचान-पत्र और गवाह समय पर तैयार रखें। यह अंतिम समय में परेशानी से बचाता है।
अंत में, गेस्ट एक्सपीरियंस पर ध्यान दें—साफ़ नेविगेशन, पार्किंग और खाने में वैरायटी। खुश मेहमान ही आपकी शादी को यादगार बनाते हैं। अगर आप और आइडियाज़ या चेकलिस्ट चाहिए तो हमारी साइट पर शादी से जुड़े आर्टिकल देखिए और अपनी प्लानिंग शुरू कर दीजिए।