कैंसर का समय पर पता लगना इलाज को आसान बना देता है। क्या आपके पास एक छोटा सा गाँठ, अनजाना वजन घटना या लगातार खांसी है? ऐसे संकेत नजर आएं तो सतर्क रहें। नीचे मैं सरल भाषा में बताऊँगा कि डॉक्टर क्या पूछेंगे, कौन‑सी जांच होती है और आप क्या तैयार रख सकते हैं।
डॉक्टर सबसे पहले आपकी शिकायतें और परिवारिक इतिहास पूछेगा। फिर लक्षित जगह की जाँच करेगा—गाँठ की महसूस करना, पेट की वजह, त्वचा पर बदलाव इत्यादि। ये सामान्य परिक्षण ही आगे की जांच तय करते हैं।
अगर डॉक्टर को संदेह होगा तो आगे की पुष्टि के लिए ये मुख्य परीक्षण होते हैं:
रक्त परीक्षण — पूरा खून (CBC), लिवर‑किडनी टेस्ट और कुछ मामलों में ट्यूमर मार्कर (जैसे PSA, CA‑125, CEA, AFP)। ट्यूमर मार्कर अकेले निदान तय नहीं करते, पर दिशा बताते हैं।
इमेजिंग — एक्स‑रे, अल्ट्रासाउंड, CT स्कैन, MRI और PET‑CT। हर एक जांच की अपनी ताकत होती है: CT हड्डी/आंतरिक संरचना दिखाता है, MRI नरम ऊतकों में बेहतर होता है, PET‑CT शरीर में सक्रिय कैंसर कोशिकाओं का पता लगाने में मदद करता है।
बायोप्सी — कैंसर की पुष्टि का सबसे जरूरी कदम। छोटी‑सी सुई से या सर्जरी द्वारा टिशू निकालकर पैथोलॉजी में भेजा जाता है। पैथोलॉजिस्ट ही बताता है कि ट्यूमर बेनाइन है या मालिग्नेंट और उसका प्रकार क्या है।
एंडोस्कोपी (कोलोनोस्कोपी, गैस्ट्रोस्कोपी), ब्रोनकोस्कोपी आदि विशेष अंगों की जाँच के लिए होती हैं। जीन टेस्ट (जैसे BRCA) तब सुझाए जाते हैं जब परिवारिक जोखिम हो या इलाज में जीन जानकारी काम आए।
निरोध (staging) बताया जाता है—कितना फैलाव है और कौन‑से अंग प्रभावित हैं। इसका मतलब इलाज की योजना बनती है: सर्जरी, रेडिएशन, कीमोथेरेपी या इम्यूनो/टार्गेटेड थेरेपी।
कब डॉक्टर से मिलें? अगर आपमें लगातार कारण अस्पष्ट वजन घटना, अकारण थकान, किसी जगह नया गाँठ/मास, लगातार खांसी, असामान्य रक्तस्राव, पेट या पेशाब में बदलाव दिखे—तुरंत सलाह लें।
परीक्षण के लिए कैसे तैयार रहें: रिपोर्ट की फाइल साथ रखें, पुरानी जांच दिखाएँ, दवाइयों की सूची दें और पूछें कि क्या भोजन‑उपवास आवश्यक है। जांचों के बाद परिणाम पर ठहरकर दोबारा चर्चा करें और अगर जरूरत हो तो दूसरा मत (second opinion) लें।
याद रखें, हर गांठ कैंसर नहीं होता और कई कैंसर आज पहले से बेहतर इलाज होते हैं। संदेह होने पर देरी न करें—एक सरल जांच बड़ा फर्क ला सकती है। अगर चाहें, मैं आपको स्क्रीनिंग गाइडलाइन या किसी खास जांच के बारे में और साधारण भाषा में बता सकता/सकती हूँ।